hindi shayari

किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है
किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है

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